Sunday, February 14, 2010

इश्क बाज़ार - Valentine's Day...

हाथों में लिए गुलाब आज, खड़े हैं यूँ जनाब,
जैसे कोई आएगी और सजा देगी सारे  ख्वाब,

मुमकिन है पहला तजुर्बा हो इश्क बाज़ार में,
वरना कौन फिरता है करते सभी को आदाब,

तिलिस्म ये धडकनों को धागों में पिरोता है,
बे-कस भी निकले हैं घर से होने को बेताब,

हर हसीना आज बे-परदा, क़त्ल करेगी आम,
देखें कितने डुबाता है यह, पागल-सा सैलाब,

हमें भी है तलाश कोई टक्कर का तो मिले,
नज़र नहीं आया कहीं भी वो दिल-ए-नायाब,

3 comments:

yr frnd kim said...

abhi tak tumhe nazar nahi aya uss ek chehre ko... i appreciate it truly.. like???? u asked... i will say more thn like..... Kiss for you... on the Valentines day... Enjoy.....

richa said...

HEY ITS TOO GOOD....HOPE SO THIS VALENTINE YOU MEET THE GIRL WHO WILL BE CHANGING YOUR LIFE.... :)

श्रद्धा जैन said...

hame bhi talash ......

waah bahut khoob kaha hai